मंडला | MandlaNews.com | दिनांक: 28 दिसंबर 2025
मंडला जिले में रविवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब पहली बार सर्व मसीही समुदाय की ओर से जिला स्तरीय विशाल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में जिले भर से बड़ी संख्या में सेवकगण, मसीही समाज के लोग और हजारों नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाला रहा।
सीएनआई चर्च से निकली रैली, शहर के प्रमुख मार्गों से गुज़री
रैली की शुरुआत कलेक्ट्रेट के पास स्थित सीएनआई चर्च के सामने से हुई। इसके बाद रैली
अंबेडकर चौक → चिलमन चौक → लालीपुर चौक → बिंझिया तिराहा → नेहरू स्मारक → बैगा बेगिन चौराहा
से होते हुए पुनः सीएनआई चर्च, कलेक्ट्रेट के सामने आकर संपन्न हुई।
रैली के दौरान शहर के गली-चौराहों पर रुक-रुक कर देश, राज्य और मंडला जिले के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
अमन-शांति, विकास और नशा मुक्ति के लिए की गई सामूहिक प्रार्थना
रैली में शामिल लोगों ने
देश में अमन और शांति,
राज्य व जिले के समग्र विकास,
नशा मुक्ति,
प्रशासन को विवेक और मार्गदर्शन,
आम नागरिकों के व्यापार, रोजगार और तरक्की
के लिए सामूहिक प्रार्थना की।
कार्यक्रम के दौरान समाज में सकारात्मकता, भाईचारा और एकता का संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय क्रिश्चन मोर्चा के पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर राष्ट्रीय क्रिश्चन मोर्चा के
प्रदेश अध्यक्ष पास्टर पलके राम पूसाम
जिला अध्यक्ष पास्टर सुरेंद्र मरावी
ने रैली को संबोधित किया और शांति, संविधानिक अधिकारों एवं सामाजिक एकजुटता पर अपने विचार रखे।
वरिष्ठ मसीही सेवक और अन्य गणमान्य शामिल
रैली में मंडला जिले के कई वरिष्ठ मसीही सेवक एवं धर्मगुरु उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
रेव्ह. किरण बनवटे, रेवरेंड शरद बागरे, रेवरेंड सुशील बखला, रेवरेंड रमेश बर्मन और फादर मुन्ना गेडाम शामिल थे।
साथ ही भारत आदिवासी पार्टी के संभागीय अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सिरसाम की उपस्थिति भी कार्यक्रम की विशेषता रही।
जिले भर से उमड़ा मसीही समाज
इस जिला स्तरीय रैली में मंडला जिले के विभिन्न विकासखंडों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मसीही समाज के लोग और सेवकगण शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार यह रैली सर्व मसीही समुदाय की एकता और सामाजिक सहभागिता का प्रतीक बनी।
शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुआ कार्यक्रम
पूरी रैली प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत पूर्णतः शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। स्थानीय नागरिकों ने भी रैली का स्वागत किया और इसे सामाजिक सद्भाव का सकारात्मक प्रयास बताया।

